
अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के इनोलू गांव में एक गर्भवती महिला और उसके जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। 24 वर्षीय गर्भवती निशा को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। घबराए परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाए 31 अगस्त को सीधे रामनगर अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में समुचित व्यवस्थाएं न होने के कारण डॉक्टरों ने निशा को हायर सेंटर हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद बेबस परिजन निशा को लेकर हल्द्वानी और काशीपुर के कई सरकारी व निजी अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर जगह उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
छह अस्पतालों तक पहुंचने के बावजूद निशा और उसके जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका। आखिरकार, काशीपुर के एक निजी अस्पताल में निशा की मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद गर्भ से निकाले गए दोनों बच्चों में से एक पहले ही मृत था जबकि दूसरे ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि निशा को समय पर सही इलाज नहीं मिल सका। उनका कहना है कि अगर उसे गंभीर हालत में तुरंत जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।





