उत्तराखंड

केदारनाथ में 130 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ

केदारनाथ पहुंचने के बाद, पीएम मोदी जी ने 2013 की विनाशकारी बाढ़ के बाद हिमालय मंदिर में किए गए पुनर्निर्माण कार्यों का विवरण देने वाली एक वृत्तचित्र देखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शुक्रवार को कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है, आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और पहाड़ों से लोगों का पलायन रुकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने केदारनाथ मंदिर में पुनर्निर्मित समाधि पर आदि गुरु शंकराचार्य की 12 फीट की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद तीर्थ-पुरोहितों और भक्तों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया।

पांच पीढ़ियों से मूर्तिकला की विरासत को संजोए हुए मैसूर के मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने अपने पुत्र अरुण के साथ मिलकर मूर्ति का काम पूरा किया है। आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा निर्माण के लिए देश भर के मूर्तिकारों की ओर से अपना मॉडल पेश किया गया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से योगीराज शिल्पी को प्रतिमा तैयार करने के लिए अनुबंध किया गया था। इस विशेष परियोजना के लिए योगीराज ने कच्चे माल के रूप में लगभग 120 टन पत्थर की खरीद की और छेनी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद इसका वजन लगभग 35 टन है। योगीराज ने साल 2020 के सितंबर माह से प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया था। प्रतिमा की चमक के लिए उसे नारियल पानी से पॉलिश किया गया है।

इस मूर्ति को सेना के सबसे बड़े हेलीकाप्‍टर चिनूक से 25 जून को केदारनाथ लाया गया था। आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे छह मीटर जमीन की खुदाई कर बनाई गई है। समाधि के मध्य में आदिशंकराचार्य की प्रतिमा को स्थापित किया गया है।



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