
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अभियान की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मंडलायुक्तों को सौंपी गई है। सरकारी टीमों की जांच केवल खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है। अभियान के दौरान चीनी की जमाखोरी, खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग और लेबलिंग के मानकों के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
देहरादून में सोमवार को जिला प्रशासन ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए। तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्था मेें सुधार के लिए चेतावनी दी गई। जनपद में एक अगस्त से अभी तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सर्वे के लिए 20 सैंपल अलग से लिए गए हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया हैै। हरिद्वार में 17 अगस्त से 47 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 27 नमूने लिए गए तथा 10 नोटिस जारी हुए। चमोली में तीन नमूने लिए गए और दो दुकानदारों को नोटिस दिए गए। रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों से छह नमूने लिए गए और एक्सपायरी सामग्री नष्ट कराई गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजार में उपलब्धता पर निगरानी जारी रहेगी। जिलाधिकारियों को अभियान में तेजी लाने और मंडलायुक्तों को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
