
मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज, महंत दिगम्बर भरत गिरी महाराज एवं टपकेश्वर सेवा दल के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। आढ़त बाज़ार स्थित शिवाजी धर्मशाला से यात्रा शुरू हुई। शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए यात्रा टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री ने भगवान टपकेश्वर महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में एकता और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत से जुड़ती है। उन्होंने शोभायात्रा के आयोजन से जुड़े संत-महात्माओं, आयोजन समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
यात्रा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था के लिए 50-50 लोगों की दो सफाई टीमें अलग-अलग समय पर तैनात हैं, जो शोभायात्रा गुजरने के तुरंत बाद सड़क की सफाई करेंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य व आपातकालीन व्यवस्था के तहत दो एम्बुलेंस यात्रा के साथ है, जिनमें दो डॉक्टर और चार नर्स मौजूद हैं। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एक फायर ब्रिगेड वाहन भी शोभायात्रा के साथ में हैं।



