
उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के पेपर लीक मामले में जांच पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही आरोपी सहायक प्रोफेसर डॉ.आशीष कुमार गुप्ता को अगले 7 सालों तक विश्वविद्यालय के किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन दोनों विषयों की दोबारा परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि प्रकरण सामने आते ही संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका इंक्रीमेंट रोक दिया गया था। संस्थान और विश्वविद्यालय की संयुक्त जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं पेपर लीक होने और दो विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करेगा। इस दौरान छात्र संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपेगा।
एनएसयूआई का कहना है कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों की मेहनत, समय और भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


