
उत्तराखंड सरकार ने एक दर्जन से अधिक जगहों के नाम बदल दिए हैं। देहरादून से लेकर नैनीताल, उधम सिंह नगर तक के कई स्थानों के नाम बदले गए हैं. सरकार ने कहा है कि ऐसा उसने जनता की मांग पर किया है. सरकार ने आमतौर पर ऐसे स्थानों के नाम बदले हैं जो मुस्लिमों के नामों से जुड़े थे. ऐसी ही एक जगह है देहरादून का मियांवाला जिसका नाम बदलकर रामजी वाला रखा गया है. जिसे लेकर अब सरकार के इस फैसले का विरोध भी होने लगा है।
मियांवाला नाम को मुस्लिम समुदाय से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, यह नाम यहां रहने वाले रांगड़ राजपूतों से जुड़ा है। अंग्रेजी शासन के दौरान इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रांगड़ समुदाय के लोग आकर बसे थे, जिन्हें सम्मानपूर्वक “मियां जी” कहकर पुकारा जाता था। इसी वजह से इस जगह को मियांवाला नाम मिला।
इतिहासकारों के अनुसार, मियांवाला का अस्तित्व देहरादून की स्थापना से भी पहले था। इसे गढ़वाल के राजा फतेह शाह के पोते प्रदीप शाह ने 1717-1772 के बीच गुरु राम राय को भेंट किया था। जॉर्ज विलियम्स की 1874 की पुस्तक Memoirs of Dehra Doon और एच.जी. वाल्टन के Dehradun Gazetteer (1990) में भी इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। ये दस्तावेज बताते हैं कि मियांवाला उस भूमि का हिस्सा था, जिसे गुरु राम राय को उपहारस्वरूप दिया गया था।
अब इस ऐतिहासिक नाम को बदलकर रामजी वाला किया गया है, जिससे कई लोग सहमत नहीं हैं। उत्तराखंड में इस तरह के नाम परिवर्तन की नीति को सरकार की हिंदुत्व छवि से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे यह मुद्दा और विवादास्पद हो गया है।