
यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह सड़क धंसने और चट्टानी मलबा बोल्डर आने से चौथे दिन भी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं पाई है। आम लोगों को आने जाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से पत्थर और बोल्डर आ रहे हैं। यहां पर यातायात पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ। जिससे हाईवे के दोनों और गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई है। वो रुक-रुक कर हो रही बारिश से बीआरओ को हाईवे खोलने में भारी दिक्कतें आ रही है।
40 तीर्थयात्रियों के दल प्रमुख मयूर चौहान ने बताया कि वे दो दिनों से बड़कोट में रुके हैं। रविवार को किसी तरह खरादी तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि न तो मार्ग खोलने की कोई जानकारी दी जा रही है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था।
यमुना नदी एक किनारे से बह रही है, लेकिन स्याना चट्टी में कुपडा खड्ड आदि से आने वाले मलवा बोल्डर पत्थरों के एकत्रित होने से यमुना नदी का तल बढ़ने से उक्त समस्या उत्पन्न हो रही है। सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल का कहना है कि अत्यधिक मलबा एकत्रित होने व कुपडा खड्ड व यमुना नदी के मुहाने पर निकासी प्रभावित होने के कारण यह समस्या बार बार उत्पन्न हो रही है।
गंगोत्री हाईवे स्थान नलूणा के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। उक्त स्थान पर मार्ग को सुचारु करने के लिए मशीनरी तैनात है।