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सुर कोकिला लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रही

आज सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर कोरोना से जंग हार कर दुनिया को विदा कह गईं। आज उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। 92 साल की लता जी की 8 जनवरी को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके भर्ती होने की खबर भी 2 दिन बाद 10 जनवरी को सामने आई थी। उन्होंने कोरोना और निमोनिया दोनों से 29 दिन तक एक साथ जंग लड़ी।

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लता मंगेशकर…इस हस्ती को कोई भुला नहीं पाएगा। उनकी आवाज में एक अलग ही सुकून था। उनके गाने हमेशा हमारे बीच रहेंगे। ये वो हस्ती हैं, जिन्होंने न सिर्फ भारतीय भाषाओं, बल्कि कुछ विदेशी भाषाओं में भी गाने रिकार्ड किए थे। उन्हें अपने करियर में कई सम्मानों से नवाजा गया है। 1987 में भारत सरकार ने उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। 2001 में, राष्ट्र में उनके योगदान के सम्मान में, उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और यह सम्मान प्राप्त करने के लिए एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के बाद केवल दूसरी गायिका रहीं।



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