उत्तराखंड

राजकीय मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड में देने पर बिफरी कांग्रेस 

हरिद्वार मेडिकल कालेज का मामला गरमाया

देहरादून। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने हरिद्वार मेडिकल कालेज को निजी हाथों में सौंपे जाने का कड़ा विरोध किया है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का हजारों करोड़ रुपया खर्च कर बनाया गया हरिद्वार राजकीय मेंडिकल कालेज निजी हाथों को पीपीपी मोड पर देना यह साबित करने के लिए काफी है कि या तो सरकार लकवा ग्रस्त हो चुकी है या मोटी रकम ले कर उक्त अस्पताल को निजी हाथों में पीपीपी मोड पर सौंप दिया गया है।

धस्माना ने कहा कि आम जनता अब इस बात का अंदाजा खुद लगा सकती है कि जब राज्य की भाजपा सरकार प्रदेश के सबसे संपन्न और विकसित जिले का अस्पताल स्वयं नहीं चला पा रही है तो राज्य के पर्वतीय जनपदों के दूर दराज के प्राथमिक स्वस्था केंद्रों , उच्च स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों का क्या हाल होगा। धस्माना ने कहा कि किसी भी राज्य की कल्याणकारी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य व सुरक्षा होती है। लेकिन आज प्रदेश में जहां सरकारी शिक्षा का बुरा हाल है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है तो वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में सौंप कर सरकार आम जनता के साथ अन्याय कर रही है।

धस्माना ने कहा कि हाल ही में अल्मोड़ा में एक बस दुर्घटना में तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। लेकिन जिला अस्पताल में व हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भी घायलों को उपचार नहीं मिला और देरी से इलाज मिलने के कारण दो घायल यात्रियों की मौत एम्स ऋषिकेश में हुई।

धस्माना ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस राज्य सरकार के इस फैसले का ना केवल प्रेस के माध्यम से बल्कि सड़क से सदन तक डट कर विरोध करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल शारदा विश्विद्यालय से हुए करार को निरस्त करने की मांग की।

प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के राजनैतिक सलाहकार सरदार अमरजीत सिंह, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव नवीन जोशी, प्रदेश प्रवक्ता गिरिराज किशोर , सोशल मीडिया के कार्यकारी अध्यक्ष विशाल मौर्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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