
प्रसिद्ध यात्रा लेखक ह्यूग गैंटजर को शनिवार को मसूरी स्थित उनके आवास पर पद्मश्री प्रदान किया गया। उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी और सह-लेखिका कोलेन गैंटजर के साथ यह सम्मान साझा किया।
6 जुलाई को जब उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली एक टीम के साथ गैट्जर के मसूरी स्थित आवास पहुंचे। तो उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा। ह्यूग गैट्जर ने साफ शब्दों में कहा, “यह सिर्फ एक पदक नहीं, यह राष्ट्र का सम्मान है, अगर इसे देने में भी तत्परता नहीं दिखाई जा सकती, तो ये देश के लिए शर्म की बात है”।
ह्यूग की तीक्ष्ण पत्रकारिता दृष्टि और कोलेन की कोमल अभिव्यक्ति शैली ने मिलकर भारतीय यात्रा साहित्य को एक नई ऊंचाई दी। इसमें कहा गया कि उनके लेखन ने न केवल लोगों को अपने देश की खोज करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि भारत की आत्मा को शब्दों में पिरोया।