रुद्रप्रयाग-चमोली और टिहरी में बारिश ने दिखाया विकराल रूप, घरों में घुसा पहाड़ से आया मलबा

रुद्रप्रयाग जिले में बादल फटा है। जिससे टेंडवाल गांव में एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई। तो वहीं 18-20 लोग अभी भी लापता है। टिहरी जिले के गेंवाली भिलंगना में गुरुवार की रात बादल फटने की घटना हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोई जनहानि नहीं हुई है। चमोली के देवाल ब्लॉक में बादल फटने से लगभग 20 मवेशी मलबे में दब गए हैं। जबकि पति-पत्नी लापता है।
चमोली के तहसील देवाल के मोपाटा में बादल फटा। जिससे भारी तबाही देखने को मिली। कई घर मलबे में दब गए है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी की माने तो मोपाटा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता है। तो वहीं विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल बताए जा रहे हैं। इनके घर और गोशाल मलबे में दबे हुए है। इसके अलावा 15-20 जानवर के भी मलबे में दबने की खबर आ रही है।
टिहरी घनसाली के गेंवाली बूढ़ाकेदार में देर रात बादल फटने की सूचना से हड़कंप मच गया। गेंवाली के पूर्व ग्राम प्रधान कीर्ति सिंह राणा ने जानकारी दी कि देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। मलबे की चपेट में आकर कई छानियां और मंदिर दब गए हैं। साथ ही कई मवेशियों के बहने की आशंका जताई जा रही है। आलू के कई खेत भी मलबे में पूरी तरह से दब गए हैं।
रुद्रप्रयाग की तहसील बसुकेदार में बादल फटने से आपदा आई है। इस आपदा में बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। मलबा आने से कई क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा हैं।
भारी बारिश के चलते चमोली में सभी ब्लॉकों के स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश का ऐलान कर दिया है। तेज बारिश के कारण देवाल में रास्ते टूट गए हैं। थराली में लगातार हो रही बारिश भूस्खलन की वजह बन रही है।