
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के सात महीने बाद धामी सरकार इसमें अहम संशोधन करने जा रही है। आगामी 19 अगस्त से गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2025 पेश करेगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह विधेयक विधानसभा में लाया जाएगा। इससे पहले जुलाई में सरकार ने आवश्यक बदलावों को अध्यादेश के जरिए लागू किया था।
क्या हैं प्रमुख बदलाव?
विवाह पंजीकरण की समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर 1 वर्ष कर दी जाएगी।
निर्धारित समय के बाद पंजीकरण न कराने पर दंड/जुर्माना लगेगा।
सब-रजिस्ट्रार के यहां अपील और शुल्क निर्धारण के नियम तय किए गए हैं।
लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए पुराने प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव उन लोगों को राहत देंगे जो अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए थे। इससे विवाह पंजीकरण प्रक्रिया और आसान व पारदर्शी बनेगी।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए कानून
धामी सरकार आपातकाल (1975-77) के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों को कानूनी सुरक्षा देने जा रही है। अब तक शासनादेश के तहत मिलने वाली पेंशन व अन्य सुविधाओं को कानूनी स्वरूप दिया जाएगा।
25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच कम से कम एक महीने जेल काटने वाले लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्हें पेंशन के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं का निशुल्क लाभ मिलेगा।