
देहरादून जिले के 79 स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा। इनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। ये वह भवन हैं, जहां बच्चों का बैठना तक खतरे से खाली नहीं था। इसके अतिरिक्त 17 विद्यालय आंशिक रूप से जर्जर मिले, जबकि आठ स्कूल भवन फिलहाल सुरक्षित पाए गए।
जिले में बच्चों की सुरक्षा में खतरा बने स्कूलों को चिह्नित किया गया है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में डीएम सविन बंसल का सख्त रुख सामने आया। जिले में जर्जर स्कूलों के कारण बच्चों की जान पर खतरा का मामला गरमाया था।
ध्वस्तीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। लोक निर्माण विभाग को सात दिन के भीतर आंगणन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में जर्जर भवनों में पढ़ाई नहीं होगी।
डीएम की सख्ती दिखाने के बाद शिक्षा विभाग ने 10 दिन के भीतर जिले के 100 स्कूलों की जर्जर भवनों की रिपोर्ट मिली। अभी दूसरी लिस्ट भी आनी बाकी है। इसको मिलाकर यह संख्या दोगुनी से अधिक हो जाएगी। रिपोर्ट में देरी के लिए डीएम ने कड़ा रूख अपनाया था, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों की लिस्ट रिपोर्ट के साथ प्रशासन को सौंपी है।





